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Monday, 5 August 2013

इंसानी जुबान में बात करता है यह हाथी

animalsहाथी और इंसानों का रिश्ता बड़ा पुराना है. हॉलीवुड-बॉलीवुड समेत लगभग सभी सिनेमा जगत ने भी हाथी और इंसानों के रिश्ते को रोचक ढंग से फिल्मांकित किया है. इन फिल्मों, सरकसों आदि में आपने हाथियों के कई करतब देखे होंगे. किसी हाथी को आपने बॉल खेलता देखा होगा, कोई हाथी दो पैरों पर खड़ा हो सकता है, तो आपको अजूबा लगता है, किसी हाथी को मास्टर के इशारे पर करतब करते देखकर आप हैरान हो जाते होंगे. इन करतबों को करने के लिए इन हाथियों को विभिन्न तरीकों से तैयार किया जाता है. पर हम जिस हाथी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं वह इन हाथियों से बिल्कुल अलग, अजूबा है. अजूबा इसलिए क्योंकि बाकी हाथियों से अलग, बिना किसी अभ्यास के, प्राकृतिक रूप से यह हाथी मनुष्यों की आवाज में बोल सकता है.

जी हां, यह अजूबा हाथी है कोरिया में. दक्षिण कोरिया के एवरलैंड चिड़याघर का यह हाथी कोरियन भाषा में छ: शब्द अनॉंयंग (annyong) जिसका अर्थ है ‘हेलो (hello)’, अनिया (aniya) जिसका अर्थ है ‘नो (no)’, अंजा (anja) जिसका अर्थ है ‘बैठ जाओ (sit down)’ और चोआह (choah) जिसका अर्थ है अच्छा (good) बोल सकता है. हैरत की बात यह है कि इस हाथी को किसी भी मास्टर ने इसके लिए ट्रेनिंग नहीं दी है. एक दिन अचानक इसके मास्टर ने इसकी इस मानवी भाषा पर गौर किया और पाया कि यह हाथी इन छ: शब्दों को बड़ी आसानी से बोल सकता है. नैशनल ज्योग्राफिक न्यूज का हिस्सा नैशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी (National Geographic Society) ने भी इसे अजूबा मानते हुए इस पर लिखा है.

Wednesday, 31 July 2013

जल्दी ही हिंदुस्तान का नाम दुनिया के नक्से से मिट जायेगा

  नमस्कार दोस्तों पढ़कर अजीब  लग रहा होगा किन्तु यह शत प्रतिशत सत्य है लेकिन आपके मन में सवाल आ रहा होगा  कि  मैं ऐसा  किस आधार पर कह रहा हूँ मैं न  तो कोई वैज्ञानिक हूँ और और न ही कोई शोधार्थी फिर मैं ऐसा  कह रहा हूँ और किस आशय से कह रहा हूँ.  कुछ भी बताने से पहले मैं  बता दूँ मैं एक सीधा साधा सच्चा हिंदुस्तानी हूँ और  आज जो देश की हालत हो रही है वोह किसी से छुपी नहीं हैं हम कश्मीर अलग मांग रहें हैं तेलंगाना अलग मांग रहें हैं  और तो और हम पार्टी के नाम पर धर्म के नाम पर  अलग अलग छोटे छोटे हिस्सों में बंटते जा रहे हैं  यह स्तिथि ठीक वैसे ही होती जा रही है जैसे राजाओं के शासन में थी जहाँ देश कई राज्यों बंटा था और अंग्रेजों ने आकर कब्ज़ा कर लिया और हमने 200 साल गुलामी का दंश सहना पड़ा. अगर हम यूँ ही गुटबाजी करते रहे तो वोह दिन दूर नहीं जब हम फिर से गुलाम हो जायेंगे और कहीं  ऐसा न हो कि  अबकी बार गुलाम हों तो हिंदुस्तान का नाम ही न बदल दिया जाए और इसे दुनिया के नक्से से मिटा दिया जाये। इस बार हम आजाद  होने में 500 साल लग जायेंगे  क्योंकि अब हमारे पास न तो गाँधी हैं और न ही भगत सिंह। अगर हम  वक़्त रहते न सुधरे तो फिर शायद सुधरने का मौका न मिले. हमे एकता की आवश्यकता है आपस में विभाजित हो जाना ठीक नहीं


जय हिन्द

Tuesday, 30 July 2013

आज से मैं आपके बीच में हूँ ब्लोगिंग के जरिये

Photoनमस्कार दोस्तों,
                       फेसबुक चलाते चलाते ऊब सा गया था मैं सोचा ब्लोगिंग के माध्यम से आप लोगों के बीच में आ जाऊं तो आज आ गया  चहेता  फारुक दोस्तों  ब्लॉग्गिंग आपके लिए शुरू की है अब मैं आप के लिए लेकर आया करूँगा ऐसी पोस्ट जिसे पढ़कर आप कहें कि ऐसी पोस्ट अब और कहाँ तो आज ही मेरे ब्लॉग पर आयें और मेरे ब्लॉग को सब्सक्राइब करें जिससे मेरी पोस्ट लगातार आपके इनबॉक्स में पहुँचती रहें।

धन्यबाद